Thursday, August 18, 2011

कड़ाही.कॉम के साथ शुरू हुआ ‘खाना-पीना सबके लिए’ अभियान

फरीदाबाद (भारत): ‘खाना-पीना सबके लिए’ अभियान की शुरुआत करते हुए मीडियाभारती वेब सॉल्यूशन्स ने एक वेबसाइट कड़ाही.कॉम का शुभारंभ किया है।

संपादक रजत वार्ष्णेय ने बताया कि इस वेबसाइट पर खाने-पीने से जुड़ी सभी जानकारियां मुहैया कराई जाएंगी। इसके जरिए देश और दुनिया में मौजूद खान-पान की सभी शैलियों के बारे में लेखों और पाक विधियों के जरिए विस्तार से बताने का प्रयास किया जाएगा।

‘इसके अलावा दूसरी अन्य भोजन गतिविधियों को भी पाठकों के लिए अद्यतन प्रस्तुत किया जाएगा।‘

लॉन्चिंग के मौके पर मौजूद मीडियाभारती वेब सॉल्युशन प्रमुख धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि खाने-पीने को विलासिता से जोड़े जाने को देखते हुए इस वेबसाइट के जरिए उन लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा जो खाने-पीने के शौक से दूर हैं... और जिन्हें ‘अभावग्रस्त’ कहा जाता है।

Monday, August 15, 2011

Campaign Against Hunger Begins, Kadahi.com Launched

Faridabad (Haryana): Website Kadahi.com was Monday afternoon launched after an ‘Online Dawat’ on Facebook, first of its own kind.

Rajat Varshney, Editor, said, the project has been designed to cater all about the food, recipes, food styles etc. He said the website is user-friendly and focuses on the various aspects of the fooding.

Website has been developed by Mediabharti Web Solutions.

In his welcome speech, Dharmendra Kumar, Editor, Mediabharti.com, said that the eating, outing are considered as luxuries in our society, so there is a need to run a campaign, by which those people should also can get a association who are called as Haven’ts.

A lot of camps and food parties with every segment of society are in pipeline in coming years under the annual activities calander.

Brij Khandelwal, Editor, Agratoday.in, while offering his best wishes said "the motive behind this project is very unique and would be well supported.”

A large number of media persons and social activists were present at the online inaugural function.

कड़ाही.कॉम : खाना-पीना सबके लिए...

ऑनलाइन पाठकों को खाने-पीने की सभी शैलियों से परिचित कराने के लिए कड़ाही.कॉम की शुरुआत की जा रही है।

मुझे याद आ रही वह शाम जब घर पर ही मैं धर्मेंद्र कुमार, संपादक, मीडियाभारती.कॉम, के साथ कुछ व्यंजन और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में बातचीत कर रहा था। बातचीत के बीच उन्होंने जिक्र किया कि हमारे समाज में खाने-पीने को विलासिता की चीज माना जाता है... और माना भी क्यों न जाए... जिस देश में एक बड़ी संख्या में लोग भूखे ही सो जाते हों वहां इस प्रकार की धारणा बनना कोई बड़ी बात नहीं है। इसलिए ‘अभावग्रस्त’ कहे जाने वाले लोगों से जोड़कर खाने-पीने का एक अभियान शुरू किया जाना चाहिए।

लंबी बातचीत के बाद तय हुआ कि क्यों न एक ऐसा मंच बनाया जाए जहां खाने-पीने से संबंधित सभी विचार-विमर्श हों और खाने-पीने की हर शैली का पूरा विवरण मिले और इतना ही नहीं उन अभावग्रस्तों के लिए भी कुछ हो जो अभी अच्छे खाने-पीने से कोसों दूर हैं। कड़ाही.कॉम का जन्म हो चुका था...

कड़ाही.कॉम के जरिए आनेवाले वर्षों में कई ऐसे आयोजन करने का प्रावधान रखा जा रहा है जिससे खाने-पीने को उन लोगों से भी जोड़ा जा सके जिनके लिए यह शौक का विषय नहीं है।

अब मैं जिक्र करूंगा कड़ाही.कॉम में समाविष्ट तत्वों का... शुरुआत करते हैं लोगो से... इसमें कड़ाही की एक तस्वीर है तथा रंगीन अक्षरों में कड़ाही.कॉम लिखा है... जो दुनियाभर के खान-पान में मौजूद विभिन्नता को दर्शाता है।

पाठकों को सरल नेविगेशन मुहैया कराने के लिए तीन मीनू रखे गए हैं। पहले, टॉप मीनू में होम, लेख, हमारे बारे में और प्रतिक्रिया के लिए लिंक दिए गए हैं। दूसरे, मुख्य मीनू में स्नैक्स, सूप, दाल-सब्जियां, मांसाहार, अंडे, रोटी, चावल, सलाद, मिठाइयां, शरबत और शराब से जुड़े लिंक दिए गए हैं।

तीसरे मीनू में हमारी अन्य सेवाओं और सहयोगी वेबसाइटों के लिंक दिए गए हैं।

साइट के मुख्य भाग में खान-पान से संबंधित चार प्रमुख आलेख दिए जाएंगे। इनमें आपको इंटरनेट पर मौजूद प्रसिद्ध चेहरों द्वारा रचित लेख, फोटो गैलरी और विशेष आलेख देखने और पढ़ने के लिए मिलेंगे।

दायीं ओर खान-पान से जुड़े नवीनतम वीडियो प्रदर्शित किए जाएंगे।

बहुत ज्यादा संख्या में विज्ञापनों से होने वाली परेशानी से बचने के लिए इसके लिए केवल दो मॉड्यूल रखे गए हैं। सभी विज्ञापन इन्हीं मॉड्यूलों में दिखाए जाएंगे। पॉप अप पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

साइट के नए रंग रूप को आपके सामने लाने में महीनेभर की अथक मेहनत में मेरे कई दोस्तों ने मेरी अविस्मरणीय मदद की है। लोगो डिजायनिंग और रंग संयोजन में मेरी मदद जानी-मानी वेब डिजायनर आरती वर्मा ने की है। शेष डिजायनिंग और विषयवस्तु के लिए मैं अपनी छोटी बहन उत्प्रेरणा गुप्ता, अभिन्न मित्र अंकुश बादोनी के योगदान को नहीं भुला सकता। तकनीक और विषय सामग्री के लिए मैं धर्मेंद्र कुमार का हमेशा अभारी रहूंगा।

और हां...मेरे नानाजी और नानीजी द्वारा लगातार रखे गए मेरे खयाल को मैं कैसे भूल सकता हूं... मेरी मम्मी सविता गुप्ता और पापा महेंद्र कुमार वार्ष्णेय का आशीर्वाद, जो हर वक्त मेरे साथ रहता है...

और हां... वे विघ्न भी याद हैं जो मेरी छोटी बहिन रोहिणी-रुक्मणि और प्रशांत, मयंक ने खड़े किए...

शुभकामनाओं सहित

रजत वार्ष्णेय

संपादक
कड़ाही.कॉम
All Rights Reserved With Mediabharti Web Solutions. Powered by Blogger.