Wednesday, September 29, 2010

'पहले क्यों नहीं बताया... डीलक्स वार्ड खाली है...चलिए फटाफट...!'

डॉक्टरों के साथ एक और अनुभव... डेंगू के संदेह के चलते 'हमारे' फैमिली डॉक्टर साब ने हमारी मम्मी को बड़े अस्पताल रैफर कर दिया। वहां मम्मी को लेकर पहुंचे तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर साब ने कहा, '86,000 प्लेटलेट्स हैं इसीलिए आपके मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। शहर में डेंगू फैला हुआ है और बैड कम हैं। मानवता का तकाजा कहता है कि बैड के लिए पहला हक उस मरीज का है जिसके प्लेटलेट्स बहुत कम हैं और इसके लिए हमने 50 हजार का एक मानक रखा है। अत:  अपने मरीज को घर ले जाइए और जब... और ज्यादा प्लेटलेट्स गिरें तो ले आइएगा।
हम बाप-बेटे वापस किसी दूसरे अस्पताल को चलने को हुए तो उन्होंने हमें कोने में बुलाया... और पूछा... मेडिक्लेम है? हमने कहा... हां है... 'तो पहले क्यों नहीं बताया। आपके लिए तो डीलक्स वार्ड खाली है। चलिए फटाफट...'
मैं पीछे-पीछे हो लिया...
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