Saturday, January 09, 2010

Donate Blood, Save Life, Isn’t It!

‘रक्तदान महादान है’, ‘खून की दो बूंदें किसी का जीवन बचा सकती हैं’ आदि... आदि... ये बातें मेरे लिए महज एक स्लोगन से ज्यादा कुछ भी नहीं थीं। लेकिन... 27 जून 2007 से पहले। उस दिन मेरी दुनिया बदल गई। रक्तदान को लेकर मेरे विचार बदल गए। मुझे पहली बार अहसास हुआ कि रक्तदान कितना जरूरी हो सकता है। मेरी जुड़वां बेटियां रोहिणी और रुक्मिणि का जन्म हुआ था 26 जून 2007 को, और उसके बाद मेरी पत्नी रश्मि को हुआ लगातार रक्तश्राव... जिसे चिकित्सकीय भाषा में ‘पोस्ट पैटम हेमरेज’ कहा जाता है। फरीदाबाद के फोर्टिस हॉस्पीटल में रश्मि को रैफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने कहा कि लगातार खून दिया जाना है...। उस रात मेरे सभी शुभचिंतक और मित्र वहां थे, लगातार खून दिया जाता रहा, लोग दिलासा भी देते रहे कि सुबह का सूरज नई रोशनी लेकर आएगा... लेकिन सुबह तो हुई पर ‘रोशनी’ नहीं...। 27 जून की सुबह सात बजे रश्मि ने हमारा साथ छोड़ दिया।
इस घटना ने मेरे तब तक के जीवन में बनी कई धारणाओं को बदल दिया। मेरे सोचने का दायरा कहीं ज्यादा बढ़ गया। अपने से किसी भी तरह जुड़े लोगों के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कहीं ज्यादा बढ़ गया। इस दायरे में वे सभी लोग आते हैं... जिन्हें मैं हर रोज छूता हूं..., महसूस करता हूं..., बात करता हूं या किसी भी प्रकार का संवाद स्थापित करता हूं। इसमें शामिल हैं वे सब लोग जो मेरे घर में रहते हैं... मेरे मोहल्ले में रहते हैं... मेरे शहर में रहते हैं... मेरे समाज में रहते हैं... और जो मेरे देश और दुनिया में रहते हैं।

कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने रक्तदान के इच्छुक लोगों को इंटरनेट के जरिए एक प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास किया है। इसके जरिए जो लोग रक्तदान करना चाहते हैं वे अपने आपको पंजीकृत कर सकते हैं। अपने नाम, पते के साथ। और, जिन लोगों को खून की जरूरत आन पड़ी है... वे यहां अपने शहर के हिसाब से उनसे संपर्क स्थापित कर सकते हैं... उनसे मदद ले सकते हैं। ऐसे ही एक प्लेटफॉम का संदर्भ आगरा से डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने दिया है। आप आड़े वक्त के लिए इसे बुकमार्क कर सकते हैं या फेवरेट में जोड़ सकते हैं...
--- धर्मेंद्र कुमार

Every 2 seconds their is need for blood and thousands of people are dying due to lack of blood in emergency cases. Why Should They Die?

On an average, 1000's of people are dying due to lack of blood everyday. Doctors always prefer fresh blood to survive easily but, blood banks provide stored blood and that to by charging money where poor people cannot afford money.

Is there any solution to obtain fresh blood without spending money?

Yes! This is made possible by http://www.friends2support.org/, This website helps the needy to find a blood donor in a matter of minutes.

Now I am also a proud blood donor and I wish you to be a part of this. "Donate Blood- Save Life".

Register as a Blood Donor here and ‘Save a Life’ by donating blood during emergency. Please inform to your friends and help people in need of blood donors.
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